Advance Astrology course
यहां पर मैं आपको एडवांस एस्ट्रोलॉजी कोर्स का एक संक्षिप्त विवरण हिंदी में दे रहा हूँ, जिसमें इस कोर्स में शामिल मुख्य विषयों और उसके उपयोग के बारे में जानकारी है।
1. ज्योतिष का मूल परिचय (Fundamental Principles of Astrology)
•जन्म कुंडली क्या है और इसे कैसे बनाते हैं?
•ग्रहों, राशियों और भावों का महत्व।
•विभिन्न प्रकार की कुंडली जैसे लग्न कुंडली, चंद्र कुंडली, और सूर्य कुंडली।
2. ग्रह और उनके प्रभाव (Planets and Their Effects)
•ग्रहों की स्थिति और उनके प्रभाव को समझना।
•प्रत्येक ग्रह का स्वभाव, तत्व, और कैसे वे विभिन्न जीवन क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।
•दशाओं का अध्ययन और उनकी व्याख्या।
3. भावों का विस्तृत अध्ययन (Detailed Study of Houses)
•12 भाव और उनके विभिन्न जीवन क्षेत्रों में प्रभाव।
•भाव के स्वामी और उनके परिणाम।
•भावों में ग्रहों की स्थिति का जीवन पर प्रभाव।
4. राशियाँ और उनके गुण (Zodiac Signs and Their Characteristics)
•12 राशियों की विशेषताएँ और स्वभाव।
•राशियों का विभाजन: चर, स्थिर और द्विस्वभाव राशियाँ।
•ग्रहों के राशियों में होने के प्रभाव और उनकी दशाएँ।
5. दशा प्रणाली (Dasha System)
•महादशा, अंतर्दशा और प्रत्यंतर दशा का परिचय।
•विभिन्न दशा प्रणालियाँ जैसे – विम्शोत्तरी दशा, योगिनी दशा, और अन्य।
•दशाओं का समय निर्धारण और उनके जीवन में प्रभाव।
6. ग्रहों की युति और दृष्टियाँ (Planetary Conjunctions and Aspects)
•ग्रहों की युति (दो या अधिक ग्रहों का एक ही भाव में होना)।
•दृष्टि (ग्रहों की नजर) और इसका महत्व।
•युति और दृष्टि के प्रभाव जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में।
7. अंश कुंडली (Divisional Charts)
•नवांश, दशांश, षोडशांश आदि का परिचय।
•अंश कुंडलियों की मदद से कुंडली का गहन विश्लेषण।
•हर अंश कुंडली का अलग महत्व और उसके जीवन के क्षेत्रों में प्रभाव।
8. युति और योग (Combinations and Yogas)
•विशेष योग जैसे गजकेसरी योग, पंच महापुरुष योग, राजयोग आदि।
•जीवन में योगों का महत्व और उनके लाभ एवं हानि।
•योग बनने के नियम और उसके प्रभाव का अध्ययन।
9. गोचर (Transit)
•ग्रहों का गोचर और इसका दैनिक जीवन पर प्रभाव।
•विभिन्न गोचरीय दशाओं का अध्ययन।
•प्रमुख गोचर, जैसे शनि की साढ़े साती और राहु-केतु का गोचर।
10. उपाय विज्ञान (Remedial Astrology)
•ग्रहों की शांति के उपाय जैसे रत्न, मंत्र, यंत्र।
•पूजा-पाठ और अन्य ज्योतिषीय उपाय।
•ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के तरीके।
11. पंचांग और समय चयन (Panchang and Muhurat)
•पंचांग का परिचय और इसका ज्योतिष में महत्व।
•शुभ मुहूर्त का चयन और विभिन्न कार्यों के लिए उपयुक्त समय।
•काल दोष, राहु काल, यमगंड काल का अध्ययन।
12. व्यावहारिक ज्योतिष (Practical Astrology)
•कुंडली का विश्लेषण कैसे करें?
•विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए कुंडली का अध्ययन।
•रोग, विवाह, शिक्षा, करियर आदि क्षेत्रों में कुंडली की भूमिका।
कोर्स का लाभ
•इस कोर्स के माध्यम से आप गहरी और संपूर्ण ज्योतिषीय समझ प्राप्त कर सकते हैं।
•आप आत्म-विश्लेषण और दूसरों को सलाह देने के लिए सक्षम हो सकते हैं।
•एक ज्योतिषी के रूप में पेशेवर करियर बनाने का अवसर मिलेगा।
यदि आपको इस कोर्स में और अधिक जानकारी चाहिए या यह किसी विशेष संस्थान के पाठ्यक्रम के बारे में है, तो कृपया बताएं ताकि मैं आपको उसकी जानकारी दे सकूं।
